1 अप्रैल 2026 से मकान मालिक और किराएदारों पर लागू होंगे 5 नए नियम – HRA New Rules 2026

1 अप्रैल 2026 से मकान मालिक और किराएदारों से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अगर आप किराए के मकान में रहते हैं, दुकान या ऑफिस किराए पर लिया है, या फिर नौकरीपेशा हैं और HRA (House Rent Allowance) क्लेम करते हैं, तो ये नए नियम सीधे आपसे जुड़े हैं। केंद्र सरकार ने किराएदारी व्यवस्था को पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए रेंट एग्रीमेंट नियमों और HRA क्लेम प्रक्रिया में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं।

अब मकान मालिक की मनमानी पर लगाम लगेगी, किराएदारों को स्पष्ट अधिकार मिलेंगे और फर्जी HRA क्लेम पर सख्ती होगी। आइए पूरे बदलाव को विस्तार से समझते हैं, ताकि आप समय रहते तैयार रह सकें।

रेंट एग्रीमेंट में बड़े बदलाव: किराएदारों को मिले मजबूत अधिकार

डिजिटल स्टांप और रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
सिक्योरिटी डिपॉजिट की सीमा तय
जबरन मकान खाली नहीं करवा सकेंगे

1. डिजिटल स्टांप और रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

अब रेंट एग्रीमेंट को हस्ताक्षर के 60 दिनों के भीतर ऑनलाइन रजिस्टर कराना अनिवार्य होगा। केवल साधारण कागज़ या अनरजिस्टर्ड स्टांप पेपर पर बना अनुबंध मान्य नहीं माना जाएगा। डिजिटल स्टांप और आधिकारिक रजिस्ट्रेशन का उद्देश्य किराएदारों को अवैध बेदखली और धोखाधड़ी से बचाना है।

यदि तय समय में एग्रीमेंट रजिस्टर नहीं कराया गया, तो राज्य के नियमों के अनुसार ₹5000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह बदलाव किराए की प्रक्रिया को औपचारिक और कानूनी रूप से सुरक्षित बनाएगा।

2. सिक्योरिटी डिपॉजिट की सीमा तय

अब मकान मालिक आवासीय संपत्ति के लिए अधिकतम 2 महीने का किराया ही सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में ले सकेगा। उदाहरण के तौर पर यदि किराया ₹20,000 प्रति माह है, तो अधिकतम ₹40,000 एडवांस लिया जा सकता है।

व्यावसायिक संपत्ति (दुकान/ऑफिस) के लिए अधिकतम 6 महीने का किराया एडवांस लिया जा सकेगा। इससे किराएदारों पर भारी जमा राशि का बोझ कम होगा।

3. किराया बढ़ाने के नियम सख्त

किराया अब 12 महीने से पहले नहीं बढ़ाया जा सकेगा। साथ ही, मकान मालिक को कम से कम 90 दिन पहले लिखित सूचना देनी होगी। अचानक किराया बढ़ाकर दबाव बनाने की प्रवृत्ति पर यह नियम रोक लगाएगा।

4. जबरन मकान खाली नहीं करवा सकेंगे

अब बिना उचित कारण और लिखित नोटिस के मकान मालिक किराएदार को घर खाली करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। नोटिस अवधि सामान्यतः 1–2 महीने पहले देनी होगी, जो एग्रीमेंट में स्पष्ट होगी।

5. प्राइवेसी की सुरक्षा

मकान मालिक बिना 24 घंटे की पूर्व लिखित सूचना के किराएदार के कमरे या मकान में प्रवेश नहीं कर सकेगा। यह नियम किराएदार की निजता और सम्मान की रक्षा के लिए लागू किया गया है।

6. पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी

कुछ परिस्थितियों में किराएदार का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। इससे रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और संपत्ति के दुरुपयोग की संभावना कम होगी।

7. मरम्मत की जिम्मेदारी तय

यदि घर में संरचनात्मक खराबी, पाइपलाइन, बिजली, टाइल्स या अन्य जरूरी मरम्मत की समस्या आती है, तो मकान मालिक को 30 दिनों के भीतर ठीक करवाना होगा। इससे किराएदारों को बार-बार अनुरोध करने की परेशानी कम होगी।


New HRA Rules 2026: अब मकान मालिक से रिश्ता बताना होगा

New HRA Rules 2026
किराएदार को कानूनी सुरक्षा मिलेगी
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अब बात करते हैं नौकरीपेशा लोगों की। 1 अप्रैल 2026 से HRA क्लेम करने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव होगा। अब केवल किराए की रसीद दिखाना पर्याप्त नहीं होगा।

क्या जानकारी देनी होगी?

HRA क्लेम करते समय निम्न विवरण अनिवार्य होंगे:

  • मकान मालिक का नाम

  • पूरा पता

  • पैन कार्ड नंबर

  • मकान मालिक से आपका रिश्ता (माता-पिता, भाई-बहन, पत्नी, अन्य रिश्तेदार या कोई संबंध नहीं)

यह जानकारी आयकर विभाग के नए फॉर्म में भरनी होगी। सरकार का उद्देश्य है फर्जी किराया रसीदों और रिश्तेदारों के नाम पर किए जा रहे गलत HRA दावों पर रोक लगाना।

क्यों जरूरी है यह बदलाव?

अक्सर कर्मचारी अपने ही परिवार के सदस्य के नाम पर किराया दिखाकर टैक्स छूट का लाभ ले लेते थे। नए नियम से टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता आएगी और वास्तविक किराएदारों को ही लाभ मिलेगा।

यह नियम आम किराएदारों पर लागू नहीं होगा, बल्कि केवल उन कर्मचारियों पर लागू होगा जो HRA टैक्स छूट लेते हैं।


इन नए नियमों का असली असर क्या होगा?

इन नए रेंट एग्रीमेंट नियमों और HRA 2026 बदलावों से किराएदारी अधिक सुरक्षित और संतुलित होगी। किराएदार को कानूनी सुरक्षा मिलेगी, जबकि मकान मालिक को भी स्पष्ट प्रक्रिया मिलेगी। वहीं HRA में सख्ती से टैक्स सिस्टम अधिक पारदर्शी बनेगा।

अगर आप किराए पर रह रहे हैं या 2026 में नया घर किराए पर लेने की योजना बना रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपका एग्रीमेंट डिजिटल रूप से रजिस्टर्ड हो और सभी शर्तें स्पष्ट लिखित रूप में दर्ज हों।


निष्कर्ष

1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले ये नए नियम किराएदारों और मकान मालिकों के संबंधों को अधिक संतुलित और पारदर्शी बनाएंगे। अब मनमानी, अचानक किराया वृद्धि या फर्जी HRA क्लेम जैसी समस्याओं पर सख्ती होगी।

समझदारी यही है कि समय रहते अपने रेंट एग्रीमेंट की समीक्षा कर लें, HRA क्लेम करने वाले कर्मचारी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें और नए नियमों के अनुसार पूरी जानकारी सही तरीके से दर्ज करें। जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।


FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: 1 अप्रैल 2026 से रेंट एग्रीमेंट रजिस्टर कराना जरूरी है?
हाँ, अब 60 दिनों के भीतर डिजिटल रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा।

प्रश्न 2: मकान मालिक अधिकतम कितना सिक्योरिटी डिपॉजिट ले सकता है?
आवासीय संपत्ति के लिए 2 महीने का किराया और व्यावसायिक संपत्ति के लिए 6 महीने तक।

प्रश्न 3: क्या मकान मालिक बिना बताए घर में प्रवेश कर सकता है?
नहीं, कम से कम 24 घंटे पहले लिखित सूचना देना अनिवार्य है।

प्रश्न 4: HRA क्लेम में नया क्या बदलाव हुआ है?
अब मकान मालिक का नाम, पैन और रिश्ता बताना अनिवार्य होगा।

प्रश्न 5: क्या किराया कभी भी बढ़ाया जा सकता है?
नहीं, 12 महीने से पहले किराया नहीं बढ़ाया जा सकता और 90 दिन पहले सूचना देनी होगी।

प्रश्न 6: मरम्मत की जिम्मेदारी किसकी होगी?
संरचनात्मक और आवश्यक मरम्मत की जिम्मेदारी मकान मालिक की होगी, जिसे 30 दिनों में पूरा करना होगा।

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